महर्षि वाल्मीकि के प्रकट उत्सव की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए भाजपा जिला मंत्री प्रमोद मित्तल एडवोकेट

सशक्त उत्तराखण्ड,रुद्रपुर। महर्षि वाल्मीकि जी के पावन प्रकट उत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा में भाजपा जिला मंत्री प्रमोद मित्तल एडवोकेट ने सहभागिता कर महर्षि वाल्मीकि जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस मौके पर बाल्मीकि समाज के पदाधिकारियों ने प्रमोद मित्तल को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया ।

इस दौरान उन्होंने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों को महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकट उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

 

इस अवसर पर भाजपा जिला मंत्री प्रमोद मित्तल एडवोकेट ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के महान ऋषि हैं। उनकी अमर रचना रामायण ने सदियों से समाज को सत्य, धर्म, न्याय, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाया है। महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि व्यक्ति अपने विचारों, कर्मों और दृढ़ संकल्प के माध्यम से समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।

 

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएँ संपूर्ण मानव समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उनके विचार हमें आपसी प्रेम, सद्भाव, समानता और सामाजिक समरसता के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। आज आवश्यकता है कि हम उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में फैली कुरीतियों को दूर करें और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, शिक्षा तथा आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए मिलकर कार्य करें।

 

प्रमोद मित्तल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो हमें परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराती है। एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हम जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान करें तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें।

 

उन्होंने कहा कि महापुरुषों के प्रकट उत्सव हमें उनके जीवन, संघर्षों और आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

 

उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ, बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करें, समाज में आपसी भाईचारे को बढ़ावा दें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

 

अंत में प्रमोद मित्तल एडवोकेट ने महर्षि वाल्मीकि जी के पावन प्रकट उत्सव पर सभी क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने और सामाजिक समरसता, सद्भाव तथा राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।