नवरात्रि के सातवें दिन ट्रांजिट कैंप के आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रमोद मित्तल ने किया कन्या पूजन, नन्ही कन्याओं के चरण पूजकर लिया आशीर्वाद

सशक्त उत्तराखण्ड,रुद्रपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर भक्ति, श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना के साथ आज नवरात्रि के सातवें दिन रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के ट्रांजिट कैंप स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों पर भाजपा जिला मंत्री प्रमोद मित्तल एडवोकेट और उनकी धर्मपत्नी दीपिका मित्तल एडवोकेट ने नन्ही कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उनके चरण स्पर्श किए तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही सभी कन्याओं के सुखद, स्वस्थ, समृद्ध एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।इस दौरान प्रमोद मित्तल ने बच्चो के साथ संवाद करते हुए अच्छे संस्कार दिए और उनके साथ प्रसाद ग्रहण किया ।

नवरात्रि के सातवें दिन ट्रांजिट कैंप के आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रमोद मित्तल ने किया कन्या पूजन, नन्ही कन्याओं के चरण पूजकर लिया आशीर्वाद

नवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और नारी शक्ति की आराधना का प्रतीक है। माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की उपासना के इस पावन दिन कन्या पूजन का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। हमारी सनातन संस्कृति में कन्याओं को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। यह परंपरा हमें सिखाती है कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज के संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की महत्वपूर्ण शक्ति भी है।

 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सेवा, समर्पण एवं महिला सशक्तीकरण के संकल्प तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में मातृ शक्ति के सम्मान और बेटियों के प्रति आदर का संदेश देने के उद्देश्य से कन्या पूजन किया जा रहा है। नवरात्रि के पावन अवसर पर कन्याओं के चरण पूजन के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि मातृ शक्ति का सम्मान हमारी सनातन संस्कृति के संस्कारों में रचा-बसा है। बेटियों का सम्मान, उनकी सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन सुनिश्चित करना हम सभी का सामाजिक एवं नैतिक दायित्व है। हमारा प्रयास है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में नारी सम्मान, समानता और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूकता भी बढ़े।

 

इस अवसर पर प्रमोद मित्तल एडवोकेट ने कहा कि बेटियाँ किसी भी समाज की शक्ति, संस्कार और समृद्धि का आधार होती हैं। जिस समाज में बेटियों को सम्मान, समान अवसर और आगे बढ़ने का अधिकार मिलता है, वही समाज वास्तविक प्रगति की ओर अग्रसर होता है। कन्या पूजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बेटियों के प्रति अपने दायित्वों और सामाजिक संकल्पों को दोहराने का अवसर भी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा प्राप्त करने, अपने सपनों को पूरा करने और जीवन में अपनी अलग पहचान स्थापित करने का पूरा अवसर मिले।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने बालिकाओं के संरक्षण, शिक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया है। यह अभियान ऐसी सामाजिक सोच का प्रतीक है, जिसमें बेटी को बोझ नहीं, बल्कि परिवार और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर माना जाता है। हम सभी को इस विचार को अपने व्यवहार में उतारते हुए बेटियों के जन्म का स्वागत करना चाहिए, उन्हें बेहतर शिक्षा उपलब्ध करानी चाहिए और उनके आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।

 

प्रमोद मित्तल ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तीकरण से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सरकार के प्रयासों के साथ-साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता भी आवश्यक है। जब परिवार, समाज और संस्थाएँ मिलकर बेटियों के सम्मान तथा उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशील होंगी, तभी एक सशक्त, शिक्षित और समरस समाज का निर्माण संभव होगा।

 

उन्होंने आगे कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जब हम छोटी-छोटी कन्याओं के चरण पूजकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, तो यह हमें नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण का भाव सिखाता है। मातृ शक्ति का सम्मान केवल नवरात्रि तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन, व्यवहार और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि बेटियों को अच्छे संस्कार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आगे बढ़ने के अवसर देना हम सभी का नैतिक दायित्व है। प्रत्येक अभिभावक को अपने बच्चों में ऐसे संस्कार विकसित करने चाहिए, जिनसे वे महिलाओं का सम्मान करें और समाज में समानता, संवेदनशीलता तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाएँ। जब बेटियाँ शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।

 

ट्रांजिट कैंप स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित इस कन्या पूजन कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता, नारी सम्मान और बेटियों के सशक्तीकरण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में नन्ही कन्याओं के प्रति स्नेह एवं आत्मीयता व्यक्त करते हुए उनके सुखद भविष्य की मंगलकामना की गई।

 

अंत में प्रमोद मित्तल एडवोकेट ने माँ दुर्गा से प्रार्थना की कि सभी बेटियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता बनी रहे। माँ भगवती की कृपा से प्रत्येक बेटी को अपने सपनों को साकार करने की शक्ति मिले तथा हमारा समाज बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तीकरण के प्रति सदैव समर्पित रहे।

इस दौरान प्रमोद मित्तल, दीपिका मित्तल, समाज सेविका अक्षि अग्रवाल, गीता, कौशल्या सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने भी कन्या पूजन किया ।