शिक्षा में रचा नया इतिहास डीपीएस रुद्रपुर में उत्तर भारत की पहली जूनियर रोबोटिक्स लैब का शुभारंभ

सशक्त उत्तराखण्ड,रुद्रपुर। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि स्थापित करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर ने उत्तर भारत की पहली जूनियर रोबोटिक्स लैब का शुभारंभ किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह रोबोटिक्स लैब नर्सरी से कक्षा द्वितीय तक के विद्यार्थियों के लिए स्थापित की गई है, जहाँ बच्चे खेल-आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से रोबोटिक्स, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियंत्रिकी एवं गणित, संगणनात्मक चिंतन, तार्किक चिंतन, अभिकल्पनात्मक सोच तथा ब्लॉक-आधारित कोडिंग जैसी भविष्य की तकनीकों का प्रारम्भिक ज्ञान प्राप्त करेंगे।

शिक्षा में रचा नया इतिहास डीपीएस रुद्रपुर में उत्तर भारत की पहली जूनियर रोबोटिक्स लैब का शुभारंभ

रोबोटिक्स लैब का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन श्री सुरजीत सिंह ग्रोवर, वाइस चेयरमैन श्री हरमन सिंह ग्रोवर तथा अभिभावकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री चेतन चौहान, श्री हरविंदर खुराना, डॉ. प्राची पाल, सुश्री विदुषी अग्रवाल, सुश्री रुमिल चावला डॉ. करण मनोज छाबड़ा एवं डॉ. वार्तिका सचदेवा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर इस ऐतिहासिक पहल का स्वागत किया।

सभी अतिथियों ने रोबोटिक्स लैब का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रारम्भिक स्तर पर रोबोटिक्स एवं तकनीक आधारित शिक्षा बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, तार्किक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है।

अपने संबोधन में चेयरमैन श्री सुरजीत सिंह ग्रोवर ने कहा, “आज की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती। बच्चों को प्रारम्भिक अवस्था से ही आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।”

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप स्थापित यह रोबोटिक्स लैब विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता, समस्या-समाधान कौशल, नवाचार, डिजिटल दक्षता एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यहाँ विद्यार्थी केवल रोबोट बनाना या कोडिंग सीखना ही नहीं, बल्कि सोचना, समझना, प्रयोग करना, निर्माण करना तथा अपनी कल्पनाओं को वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित करना भी सीखेंगे।

विद्यालय के अनुसार यह रोबोटिक्स लैब विद्यार्थियों को भविष्य की उभरती तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, स्वचालन तथा स्मार्ट प्रौद्योगिकी की आधारभूत समझ प्रदान करेगी। इससे बच्चों में अनुसंधान की प्रवृत्ति, टीम भावना, प्रभावी संवाद कौशल तथा इक्कीसवीं सदी के आवश्यक जीवन-कौशल विकसित होंगे।

अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जूनियर रोबोटिक्स लैब केवल एक प्रयोगशाला नहीं, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिकों, अभियंताओं, नवप्रवर्तकों एवं वैश्विक नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल है।

“जहाँ जिज्ञासा को मिलती है तकनीक की शक्ति, वहीं जन्म लेते हैं भविष्य के वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक और नेतृत्वकर्ता।”