उत्तराखण्ड पुलिस की ऐतिहासिक कामयाबी, करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड जगदीश पुनेठा को किया गिरफ्तार

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सशक्त उत्तराखंड। पिथौरागढ़ की शांत वादियों में वर्षों से पसरी पीड़ा, टूटे विश्वासों और बिखरे सपनों को आखिरकार न्याय की पहली रोशनी मिल गई है। करोड़ों रुपये की संगठित ठगी कर विदेश में पनाह लेने वाले मास्टरमाइंड जगदीश पुनेठा को दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों की कराहती उम्मीदों का जवाब है, जिनकी मेहनत की कमाई एक संगठित धोखाधड़ी गिरोह ने निगल ली थी।

इस ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में उत्तराखण्ड पुलिस ने वह कर दिखाया, जो अब तक राज्य के आर्थिक अपराध इतिहास में कभी दर्ज नहीं हुआ था। भारत सरकार, उत्तराखंड सरकार, सीबीआई और इंटरपोल—सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों ने वह दिन दिखाया, जिसका इंतजार पीड़ितों के आंसुओं और विश्वास ने सालों तक किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 से 2023 के बीच पिथौरागढ़ एवं जाजरदेवल थानों में जगदीश पुनेठा तथा उसके साथियों—ललित पुनेठा, पंकज शर्मा आदि के विरुद्ध कई मुकदमे दर्ज हुए थे। निर्मल बंग कमोडिटी से लेकर मातृछाया आभूषण प्रा. लि. और रॉयल पैंथर प्रा. लि. जैसे निवेश के झूठे झांसे देकर करोड़ों रुपये हड़पे गए। विवेचना में लगभग ₹15.85 करोड़ की धोखाधड़ी तथा ₹2.22 करोड़ मूल्य की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ।

 

जगदीश पुनेठा के फरार होने पर वर्ष 2022 में उस पर ₹50,000 का इनाम भी घोषित किया गया था। लगातार फरार रहने के कारण उसके विरुद्ध कुर्की कार्रवाई की गई, और अंततः उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया। परंतु इसके बाद भी आरोपी सीमाओं के पार जाकर कानून से बच निकलने में सफल रहा—लेकिन पीड़ितों की आहें, न्याय की पुकार और पुलिस की प्रतिबद्धता उसे ज़्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रहने दे सकीं।

 

डीजीपी उत्तराखंड श्री दीपम सेठ और आईजी कुमायूँ परिक्षेत्र श्रीमती रिधिम अग्रवाल के निर्देशन में पिथौरागढ़ पुलिस लगातार अभियुक्त के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही थी। तकनीकी इनपुट से जब उसके दुबई में छिपे होने की पुष्टि हुई, तो सीबीआई के माध्यम से इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कराया गया। इसके बाद दुबई पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार किया।

 

उत्तराखंड पुलिस की विशेष सुरक्षा मिशन टीम—

• अपर पुलिस अधीक्षक सीबीसीआईडी श्री मनोज कुमार ठाकुर

• प्रभारी निरीक्षक पिथौरागढ़ श्री ललित मोहन जोशी

• निरीक्षक एएनटीएफ श्री सतीश कुमार शर्मा

—को 10 नवंबर को दुबई भेजा गया। टीम ने 13 नवंबर को आरोपी को भारत लाकर ऐतिहासिक मिशन को सफल किया।

 

आज जब जगदीश पुनेठा को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है, तब सिर्फ एक अभियुक्त नहीं, बल्कि पीड़ितों की उम्मीदों का बोझ लिए एक लंबा संघर्ष अदालत की देहरी पर पहुंचा है। यह सफलता न सिर्फ पिथौरागढ़ पुलिस की, बल्कि उन तमाम परिवारों की जीत है जिनकी जमा पूंजी, सपने और विश्वास वर्षों से दर्द में कराह रहे थे।

 

उत्तराखण्ड की यह उपलब्धि आने वाले समय में आर्थिक अपराधों पर कठोर प्रहार का प्रतीक बनेगी।


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