सशक्त उत्तराखंड,पंतनगर। विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के खाद्य एवं पोषण विभाग एवं न्यूट्रिशन सोसाइटी ऑफ इंडिया- पंतनगर चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेषज्ञ व्याख्यान ‘शारीरिक दर्द-मित्र या शत्रु’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ डा. अर्चना कुशवाहा, विभागाध्यक्ष, खाद्य एवं पोषण विभाग व सचिव, एनएसआई-पंतनगर चैप्टर के स्वागत अभिभाषण से हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. डी. के. भट्ट द्वारा दर्द की अवधारणा एवं मानव स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव के बारे में एक बेहद ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किया गया। व्याख्यान के अंतर्गत डा. भट्ट द्वारा दर्द के विभिन्न प्रकारों, जैसे नोसिसेप्टिव, न्यूरोपैथिक तथा नोसि प्लास्टिक पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही दर्द प्रबंधन एवं समग्र स्वास्थ्य के लिए योग व फिजियोथेरेपी, जीवनशैली में बदलाव एवं विभिन्न वेलनेस प्रथाओं जैसे समग्र दृष्टिकोणों पर चर्चा की गयी। इस सत्र में उपस्थित छात्रों, संकाय सदस्यों तथा अन्य प्रतिभागियों को उपयोगी एवं व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।
इसी क्रम में एनएसआई-पंतनगर चैप्टर के संयोजक एवं एमेरिटस वैज्ञानिक डा. आर. एस. रघुवंशी द्वारा न्यूट्रिशन सोसाइटी ऑफ इंडिया की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा अपने प्रेरणादायक संबोधन से श्रोताओं का उत्साहवर्धन किया गया। डा. अल्का गोयल, अधिष्ठात्री, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय द्वारा भी अपने संबोधन में इस सफल आयोजन की सराहना की गयी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलसचिव एवं अधिष्ठाता, कृषि व्यवसाय एवं प्रबंधन महाविद्यालय डा. आर.एस. जादौन, द्वारा द्वारा दैनिक जीवन में स्वास्थ्य एवं कल्याण महत्ता का वर्णन किया गया तथा खाद्य एवं पोषण विभाग द्वारा ऐसे सार्थक जागरूकता कार्यक्रम को आयोजित करने के प्रयासों की प्रशंसा की गयी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा कार्यक्रम के प्रतिभागियों और सहयोगियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के समापन पर, पीएचडी शोध छात्रा स्वर्णिका बंसल द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मुख्य वक्ता, गणमान्य अतिथियों, आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

