सशक्त उत्तराखंड,पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित 15-दिवसीय ‘दीक्षारंभ-2026’ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि द्वारा किया गया।

समापन समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डा. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय की अपनी विशिष्ट पहचान एवं संस्कृति है, जहां अनुशासन, चरित्र निर्माण, उत्कृष्ट शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार पर विशेष बल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मात्र एक संस्थान नहीं, बल्कि एक कर्मस्थान है, जहां विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम बनाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से असफलता से निराश न होकर सफलता के लिए सतत प्रयास करने तथा डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा में योगदान देने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय की कुलसचिव डा. दीपा विनय ने कहा कि अनुशासन, समयबद्धता और सतत प्रयास ही सफलता के मूल मंत्र हैं। उन्होंने कहा कि ‘दीक्षारंभ’ विद्यार्थियों को स्वयं को समझने तथा उनके आगामी जीवन के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समापन अवसर पर विद्यार्थियों की प्रश्नोत्तरी, प्रतिक्रिया, समूहवार प्रस्तुतियां एवं रिपोर्ट प्रस्तुतिकरण भी हुआ। कार्यक्रम ने नवागंतुक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से जुड़ने, सीखने, अनुकूलित होने और आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा. विपिन चंद्र ध्यानी ने सभागार में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों एवं नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वगीन विकास एवं आरामदायक आवासीय व्यवस्था हेतु छात्र कल्याण विभाग कृत संकल्पित है।
दीक्षारंभ की समन्वयक डा. छाया शुक्ला ने बताया कि 18 अगस्त से 05 सितंबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों के कुल 812 नवागंतुक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की छठी डीन समिति की रिपोर्ट के अनुरूप आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं, जीवन-मूल्यों, जीवन कौशल तथा सामाजिक एवं व्यक्तिगत जिम्मेदारियों से परिचित कराना और उन्हें विश्वविद्यालय के वातावरण के अनुरूप ढालना रहा। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय स्तर पर स्वागत एवं परिचय सत्र, शिक्षकों एवं परामर्शदाताओं के साथ संवाद, प्रयोगशालाओं एवं विभिन्न सुविधाओं का भ्रमण, पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद, पाठ्यक्रम एवं पंजीकरण संबंधी जानकारी, मानवीय मूल्यों, सॉफ्ट स्किल एवं जीवन कौशल पर सत्र तथा पुस्तकालय, केएनएससीसीएफ, अनुसंधान सुविधाओं एवं विभिन्न महाविद्यालयों का भ्रमण कराया गया। सामान्य अभिमुखीकरण सत्रों में शैक्षणिक नियमों, छात्र कल्याण व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय नियोजन, साइबर धोखाधड़ी से बचाव, नशा-विरोधी जागरूकता, छात्रवृत्ति, पुरस्कार एवं फेलोशिप, छात्रावास सुविधाओं तथा प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रकोष्ठ आदि की जानकारी दी गई। इस अवसर पर सभी महाविद्यालयों के अधिष्ठातागण, निदेशकगण, संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
