सशक्त उत्तराखंड,देहरादून। साइबर ठगी करने वाले अपराधियों के साथ-साथ ठगी की रकम निकालने वाले, म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले और संदिग्ध सिम-पॉस के जरिए साइबर अपराधियों को संसाधन मुहैया कराने वालों पर उत्तराखंड पुलिस ने एक साथ शिकंजा कसा है। STF और प्रदेश की साइबर पुलिस ने सात दिवसीय ऑपरेशन हॉटस्पॉट चलाकर साइबर अपराध के पूरे नेटवर्क को खंगाला। अभियान में 820 संदिग्ध बैंक खातों का सत्यापन कर 159 मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि 1236 एटीएम निकासी मामलों/स्थानों के सत्यापन में 32 और 84 चेक निकासी स्थानों की जांच में 37 मुकदमे दर्ज किए गए।
अभियान के दौरान 644 संदिग्ध सिम और 630 आईएमईआई ब्लॉक किए गए। 442 संदिग्ध मामलों का सत्यापन किया गया और 10 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पहली बार की तरह केवल ठगी करने वाले आरोपियों पर ही नहीं, बल्कि ठगी की रकम के लेनदेन और निकासी से जुड़े पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई केंद्रित की।
●एक माह तक जुटाया डेटा, फिर हॉटस्पॉट पर कार्रवाई
पुलिस ने एक से 31 जुलाई तक साइबर सुरक्षा अभियान चलाकर संदिग्ध मोबाइल नंबर, सिम, आईएमईआई, म्यूल बैंक खाते, एटीएम और चेक निकासी स्थानों का तकनीकी विश्लेषण किया। I4C, दूरसंचार विभाग और आरबीआई से प्राप्त जानकारी को आपस में जोड़कर संदिग्ध नेटवर्क की पहचान की गई। इसी आधार पर 24 अगस्त से एक सितंबर तक चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट पर धरपकड़ और सत्यापन अभियान चलाया गया।
●हरिद्वार में ‘नवादा ग्रुप’ का खुलासा
ऑपरेशन के दौरान हरिद्वार के श्यामपुर थाना पुलिस ने ‘नवादा ग्रुप’ नाम के संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक बैंक खाते सामने आए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 45 से अधिक एटीएम कार्ड, 20 बैंक पासबुक, दो लैपटॉप और 17 मोबाइल फोन बरामद किए।
पुलिस के अनुसार ठगी की रकम म्यूल खातों में पहुंचने के बाद एटीएम से नकदी निकाली जाती थी। सीडीएम के जरिये रकम दूसरे खातों में जमा और ट्रांसफर कर मनी ट्रेल छिपाने की कोशिश की जाती थी।
●ठगी की रकम निकालने वालों तक पहुंची पुलिस
हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में एटीएम निकासी डेटा के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर ठगी की रकम अपने खातों में लेकर पांच प्रतिशत कमीशन पर एटीएम से नकदी निकालते थे।
कोटद्वार में 3.86 लाख रुपये की फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी के मामले में आरोपी आशीष रिचर्ड को गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके आठ खातों में करीब 1.50 करोड़ रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम पहुंचने की जानकारी सामने आई। करीब सात लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
●240 साइबर अपराधियों की मैपिंग से 100 से अधिक कड़ियां मिलीं
वर्ष 2026 में उत्तराखंड पुलिस ने 240 साइबर अपराधियों और संदिग्धों का विवरण I4C के Samanvaya Portal पर अपलोड किया। दूसरे राज्यों के साइबर अपराध मामलों से मैपिंग में 100 से अधिक अंतरराज्यीय कड़ियां सामने आईं। संबंधित राज्यों से समन्वय कर आरोपियों के सत्यापन और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
●1930 पर 18,749 शिकायतें, 23.44 करोड़ रुपये होल्ड
वर्ष 2026 में 1930/NCRP पर प्राप्त 18,749 साइबर अपराध शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बैंक और वित्तीय संस्थानों के सहयोग से करीब 23.44 करोड़ रुपये की ठगी की रकम होल्ड/सेव कराई। वहीं 683 ई-जीरो FIR में से 659 को नियमित FIR में परिवर्तित या लिंक किया गया।
●चार जिलों में करीब दो हजार पुलिसकर्मी उतरे
तीन सितंबर को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल के चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष कार्रवाई की गई। STF की तकनीकी टीम के साथ करीब दो हजार पुलिसकर्मी अभियान में लगाए गए। 300 से अधिक संदिग्धों को निरुद्ध कर पूछताछ और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों व सिम की जांच की जा रही है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर साइबर अपराध के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। तकनीकी डेटा के आधार पर साइबर हॉटस्पॉट और अपराधियों के नेटवर्क की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जाएगी।
