सशक्त उत्तराखंड। उत्तराखंड के भरसार स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में एक छात्रा मधु यादव की मौत हो गई है। इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह क्षेत्र पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की विधानसभा में आता है, और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का गृह जनपद भी है।
बीएससी हॉर्टिकल्चर चतुर्थ वर्ष की छात्रा मधु यादव की मौत के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का गुस्सा देखा गया। छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए परिसर में खराब स्वास्थ्य सुविधाओं, मेडिकल स्टाफ की कमी और एंबुलेंस न होने पर सवाल उठाए।
उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं, लेकिन आपात स्थिति में तुरंत इलाज की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। गंभीर होने पर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर करना पड़ता है।
छात्रों ने बताया कि मधु यादव पिछले तीन-चार दिनों से बीमार थीं। जब उनकी हालत बिगड़ी, तो उन्हें पहले पाबौ, फिर पौड़ी और श्रीनगर के अस्पतालों में ले जाया गया। श्रीनगर से उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
छात्रों का सवाल है कि अगर विश्वविद्यालय परिसर में ही पर्याप्त मेडिकल सुविधा और एंबुलेंस होती, तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी। छात्रों के प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उपनल के जरिए तैनात फार्मासिस्ट शंकर सिंह बिष्ट की सेवाएं तुरंत खत्म कर दी हैं। साथ ही, छात्रावास वार्डन को बदलने के आदेश भी दिए गए हैं।
हालांकि, छात्रों की मांगें इससे कहीं ज्यादा हैं। वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। इसके साथ ही, परिसर में 24 घंटे मेडिकल सुविधा, पर्याप्त मेडिकल स्टाफ और हमेशा उपलब्ध रहने वाली एंबुलेंस की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की कुलपति प्रो. बीपी भट्ट के साथ बातचीत भी हुई।
