डबल वोट के नाम पर लगाई गई आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर विधायक तिलक राज बेहड़ ने एडीएम से की मुलाकात

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सशक्त उत्तराखंड,रुद्रपुर । किच्छा विधानसभा क्षेत्र में डबल वोट के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के विरुद्ध लगाई गई आपत्तियों को लेकर किच्छा विधायक श्री तिलक राज बेहड़ ने आज रुद्रपुर स्थित एडीएम कार्यालय पहुंचकर एडीएम कौस्तुभ मिश्रा से मुलाकात की। इस दौरान विधायक ने निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से प्राप्त विभिन्न मतदाता सूचियों एवं अन्य दस्तावेजों के माध्यम से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए।

बेहड ने कहा कि केवल नाम और पिता के नाम की समानता के आधार पर किसी मतदाता को डबल वोटर मान लेना उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे अनेक उदाहरण दिखाए, जिनमें एक ही नाम एवं पिता का नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है, जबकि संबंधित व्यक्ति अलग-अलग हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण हिंदू एवं मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों के हैं।

 

उन्होंने शुक्ला परिवार एवं राजेश तिवारी सहित कई मामलों के दस्तावेज भी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए और बताया कि एक ही नाम तथा पिता के नाम वाले व्यक्ति कई अलग-अलग स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज हो सकते हैं। इसलिए प्रत्येक मामले की वास्तविकता जानने के लिए फोटो मिलान, परिवार के सदस्यों के मतदाता रिकॉर्ड का मिलान तथा जमीनी स्तर पर सत्यापन आवश्यक है।

 

विधायक बेहड़ ने कहा कि यदि किसी मतदाता के विरुद्ध डबल वोट की आपत्ति लगाई गई है तो दोनों स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज फोटो का मिलान किया जाए। साथ ही उसके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम एवं फोटो का भी मिलान किया जाए। यदि जांच में वास्तव में डबल वोट पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन केवल नाम और पिता का नाम समान होने के आधार पर किसी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं काटा जाना चाहिए।

 

उन्होंने यह भी मांग की कि आपत्ति लगाने वाले व्यक्ति से केवल EPIC नंबर नहीं, बल्कि उसके दावे के समर्थन में ठोस प्रमाण भी लिए जाएं। यदि किसी दूसरे राज्य की मतदाता सूची का EPIC नंबर प्रस्तुत किया गया है तो संबंधित मतदाता की फोटो एवं अन्य विवरणों का भी सत्यापन किया जाना चाहिए।

 

बेहड ने कहा कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर आपत्तियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद संबंधित सूची राजनीतिक दलों एवं अधिकृत प्रतिनिधियों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उन्होंने मांग की कि जिन मतदाताओं के विरुद्ध आपत्तियां लगाई गई हैं, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे भी अपने स्तर पर प्रत्येक मामले की जांच में सहयोग कर सकें।

 

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य किसी गलत वोट को बचाना नहीं है। अगर कोई वोट वास्तव में डबल है तो वह नियमानुसार हटना चाहिए, लेकिन किसी वास्तविक मतदाता का वोट केवल नाम की समानता के आधार पर नहीं कटना चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।”

 

बेहड ने चेतावनी दी कि यदि बिना फोटो एवं परिवार के रिकॉर्ड का उचित मिलान किए वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया गया तो वह इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे।

 

बेहड ने बताया एडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आपत्ति को नियमानुसार देखा जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर आपत्तिकर्ता से भी प्रमाण लिए जाएंगे। निर्वाचन आयोग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

बेहड़ ने कहा कि उनकी स्पष्ट मांग है कि प्रत्येक डबल वोट की आपत्ति की निष्पक्ष जांच हो, दोनों स्थानों की फोटो एवं परिवार के मतदाता रिकॉर्ड का मिलान किया जाए और प्रमाणों के आधार पर ही किसी मतदाता के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाए।


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