सशक्त उत्तराखंड,पंतनगर। विश्वविद्यालय में गोवंश संरक्षण के उद्देश्य से ‘निराश्रित गोवंश संवर्धन एवं अनुसंधान प्रकल्प’ के भूमि पूजन का कार्यक्रम विश्वविद्यालय फार्म के हल्दी प्रक्षेत्र के ‘सी’ खण्ड़ में कुलपति डा. शिवेन्द्र कुमार कश्यप, मुख्य अतिथि श्री अजीत मोहापात्रा, अखिल भारतीय गौ सेवा प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विशिष्ट अतिथि डा. शैलेन्द्र, प्रांत प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, डा. राजेन्द्र अंतवाल, अध्यक्ष उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग, उत्तराखण्ड सरकार की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
भूमि पूजन के दौरान कुलपति ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और सभ्यता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्राचीनकाल में ही गाय को माता का दर्जा दिया गया है। इसे गौ माता कहा जाता है क्योंकि यह मानव जीवन के लिए अनेक प्रकार से उपयोगी है। गाय के दूध, गोबर और गौमूत्र से औषधीय और कृषि उपयोग इसे और अधिक महत्वपूर्ण बनाते हैं। मुख्य अतिथि श्री अजीत मोहापात्रा ने बताया कि गाय का दूध पोषण से भरपूर होता है और बच्चों से लेकर वृद्धों तक के लिए लाभकारी होता है। आज की स्थिति में गायों की स्थिति चिन्ताजनक है। वर्तमान परिवेश में गौ संरक्षण का महत्व बहुत बढ़ गया है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डा. एस.के. वर्मा, कार्यवाहक मुख्य महाप्रबन्धक, फार्म डा. अमित भटनागर, सहायक निदेशक फार्म डा. अजय प्रभाकर एवं अधिष्ठातागण उपस्थित थे।
