मिशन संवाद” – पुलिस बल के मानसिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की संवेदनशील पहल: आईजी कुमायूँ रिद्धिम अग्रवाल

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सशक्त उत्तराखंड। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशन, पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड के मार्गदर्शन एवं पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में संचालित “मिशन संवाद” पुलिस बल के लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संवेदनशील पहल है — जिसका उद्देश्य पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख-शांति एवं उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सतत प्रयास करना है।

इसी क्रम में पुलिस लाइन नैनीताल में 2 दिवसीय “संवाद वेलनेस मेला–2025”(दिनांक 25/26.10.2025) का आयोजन किया गया। इस मेले में कुमायूँ परिक्षेत्र के विभिन्न जनपदों में तैनात पुलिस कर्मियों के बच्चों (कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत) एवं उनके अभिभावकों वह पुलिस मॉडर्न स्कूल 31 सी वाहिनी पीएसी के लिए दिल्ली से आमंत्रित अनुभवी काउंसलरों द्वारा करियर मार्गदर्शन कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। कार्यशाला में 250 बच्चों द्वारा प्रतिभाग किया किया गया कार्यशालाओं में बच्चों को भविष्य की दिशा तय करने के लिए उपयोगी सुझाव एवं आवश्यक टिप्स प्रदान किए गए।

 

 

“मिशन संवाद” कार्यक्रम का शुभारंभ दिनांक 05 जुलाई 2025 को मा० मुख्यमंत्री जी की गरिमामय उपस्थिति में किया गया था। इस अवसर पर पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं संवाद को प्रोत्साहित करने हेतु एक मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया था, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 5000 से अधिक पुलिस कर्मियों ने पंजीकरण कराया है।

 

 

कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक अल्मोड़ा, हल्द्वानी, नैनीताल, रुद्रपुर एवं खटीमा में पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य हेतु विशेषज्ञ काउंसलरों द्वारा कार्यशालाएँ आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें लगभग 900 से अधिक पुलिस कर्मियों ने प्रतिभाग किया है तथा एप के माध्यम से वन टू वन 500 से अधिक पुलिस कर्मियों की काउंसलिंग की जा चुकी है ।

 

इस अवसर पर मेले के दूसरे दिन उपस्थित कुमायूँ आयुक्त श्री दीपक रावत ने कहा कि आई0जी0 कुमायूँ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल की यह पहल न केवल पुलिस बल के भीतर एक सकारात्मक और स्वस्थ कार्य वातावरण का निर्माण कर रही है, बल्कि पुलिस कर्मियों के परिवारजनों में भी मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति जागरूकता को बढ़ा रही है।

 

उन्होंने पुलिस को हौसला बढाते हुए कहा कि “वेलनेस मेला – 2025” के माध्यम से पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, मानसिक परामर्श और सामाजिक कल्याण जैसी अनेक सेवाएँ एक ही मंच पर प्राप्त हो रही हैं, जो वास्तव में समग्र कल्याण और संवेदनशील पुलिसिंग की अवधारणा को साकार करती है।

 

उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि इस प्रकार के संवाद एवं वेलनेस कार्यक्रम केवल पुलिस विभाग तक सीमित न रहें, बल्कि राज्य के अन्य सरकारी विभागों में भी समय-समय पर आयोजित किए जाएँ। इससे न केवल कर्मियों की उत्पादकता और कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि शासन-प्रशासन में संवेदनशीलता, सामंजस्य और मानवीय जुड़ाव की भावना भी और अधिक सशक्त होगी।

 

अंत में, कुमायूँ आयुक्त श्री दीपक रावत ने वेलनेस मेला की अवधारणा की सराहना करते हुए कहा कि करियर काउंसलिंग जैसे विषयों को पुलिस परिवारों से जोड़ना एक अत्यंत उपयोगी और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सही दिशा में दिया गया मार्गदर्शन युवाओं के भविष्य को संवार सकता है और परिवारों के भीतर एक नई प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

 

YGROO–A–Social Enterprises “Bumby” के चेयरमैन श्री हिमांशु पवार जी ने पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए विषम परिस्थितियों में ड्यूटी के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखने, तनाव प्रबंधन, टीम भावना को सुदृढ़ करने एवं सकारात्मक सोच विकसित करने के महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए।

 

उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी प्रतिदिन अनेक प्रकार के तनावपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण हालातों का सामना करते हैं, ऐसे में स्वयं के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना, संवाद बनाए रखना और समय-समय पर आत्ममूल्यांकन करना अत्यंत आवश्यक है। श्री पवार ने कर्मियों को यह भी प्रेरित किया कि वे अपनी ड्यूटी को केवल दायित्व नहीं, बल्कि समाज सेवा का अवसर समझें और सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करें, ताकि वे अपने पेशे और व्यक्तिगत जीवन दोनों में संतुलन बनाए रख सकें।

 

इस अवसर पर आयुक्त कुमाऊं व आईजी कुमाऊं के अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल श्री प्रहलाद नारायण मीणा, एसपी क्राईम डॉ. जगदीश चन्द्र, सीओ लालकुऑ दीपशिखा अग्रवाल सहित गाइडेंस फोर कैरियर नई दिल्ली के काउंसलर श्री राजेश मिश्रा व उनकी टीम , द स्कूल ऑफ काउंसलर दिल्ली के संवाद के अनुभवी काउंसलर डॉ. डायना चेरियान, डायरैक्टर संवाद, सुश्री आरती शंखला , कोरडिनेटर प्रोजेक्ट संवाद व उनकी टीम मौजूद रही ।

“मिशन संवाद” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संवेदनशील सोच है — जो यह संदेश देती है कि “स्वस्थ मन, सशक्त पुलिस और संवेदनशील समाज” ही सुशासन की सच्ची नींव हैं।

“मिशन संवाद” का लक्ष्य है — तनावमुक्त पुलिस बल, सशक्त मनोबल और संवेदनशील पुलिसिंग की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना।

पुलिस कर्मियों में कार्य के प्रति उत्साह बढ़ा है, और उनमें एक सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास का स्पष्ट विकास हुआ है।


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