केलाखेडा मशरूम फैक्ट्री हादसा, डीएम ने अस्पताल पहुंचकर घायलो से की मुलाकात। जिला प्रशासन की तत्परता से बची कई जानें, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

उधम सिंह नगर जिले के केलाखेड़ा के गांव भव्वानगला डिप्टी फार्म स्थित मशरूम प्लांट में रैक गिर गई। वहां कार्यरत 13 मजदूर उसके नीचे दब गए। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से मजदूरों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां एक महिला श्रमिक की मौत हो गई। अन्य घायल मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसा बृहस्पतिवार शाम सात बजे हुआ। मशरूम प्लांट में 23 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक रैक गिर गई और 13 मजूदर रैक और मलबे में दब गए। उनमें चीख-पुकार मच गई। केलाखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने लोगों की मदद से सभी मजदूरों को बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस से बाजपुर के उप जिला चिकित्सालय और काशीपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। बाजपुर सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला श्रमिक हिना (19) पुत्री ओमपाल निवासी टांडा डालचंद थाना केलाखेड़ा ने दम तोड़ दिया। प्लांट संचालक रवि नेहरा भी बचाव कार्य के दौरान घायल हो गए। इस बीच एनडीआरएफ और एसडीआरएफ भी मौके पर पहुंच गई। एसएसपी मणिकांत मिश्रा और एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा समेत अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया।

 

मजिस्ट्रेटी जांच होगी: डीएम

रुद्रपुर। देर रात डीएम नितिन सिंह भदौरिया घायलों का हाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी।

 

रुद्रपुर। केलाखेड़ा में मशरूम प्लांट में हुए हादसे के सात घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। इसमें घायल एक गर्भवती की कमर में दर्द की शिकायत पर उसका एक्सरे करने की कार्रवाई की गई और उसे प्राइवेट रूम में भर्ती किया गया। इस दौरान अस्पताल में तीमारदारों की भीड़ लगी रही। डीएम ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी किए हैं।

बृहस्पतिवार की देर रात डीएम नितिन सिंह भदौरिया जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल जय सिंह, रेशमा, राधा, गणेश, विजयपाल, पोला, भोला का हाल जाना। डीएम ने पीएमएस डॉ. आरके सिंहा को घायलों का समुचित इलाज करने के निर्देश दिए। कहा कि इलाज में किसी

तरह की लापरवाही न बरती जाए। डीएम ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतक मजदूर के परिजनों से भदौरिया ने मुलाकात कर शोक संवेदना प्रकट की और आश्वासन दिया कि प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।

डीएम के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने घायलों के 25 तीमारदारों के लिए भोजन और रहने का इंतजाम किया। वहां पर एसडीएम बाजपुर डॉ. अमृता शर्मा सहित अन्य अधिकारी व चिकित्सक मौजूद थे।

 

बाजपुर। केलाखेड़ा मशरूम प्लांट हादसे में महिला मजदूर की मौत होने पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मोर्चरी में रख दिया। पुलिस शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजने के लिए पंचनामा भरने की तैयारी कर रही थी। उसी दौरान मृतका का रिश्तेदार बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले जाने के लिए पुलिस कर्मियों से उलझ गया, जिस पर हंगामा हो गया। पुलिस अधिकारियों ने ‘समझा-बुझाकर रिश्तेदार को शांत किया। घायल प्लांट संचालक रवि नेहरा का काशीपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

 

हादसे में ये हुए घायल

बाजपुर अस्पताल में भर्ती जय सिंह,करन, रेशमा, कौशल्या, राधा, गणेश, ओमपाल,भगवानदास,विजयपाल, पोला, भोली और परमजीत कौर निवासीगण गांव टांडा डालचंद

 

बाजपुर। केलाखेड़ा के गांव भव्वानगला में मशरूम प्लांट हादसे के बाद पुलिस, एनडीआरएफ,, एसडीआरएफ, दमकल विभाग का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चार घंटे तक चला। इस दौरान रेस्क्यू कर जैविक

खाद का मलबा हटाया गया।

मशरूम प्लांट में अचानक रैक टूटकर गिरने से खाद के मलबे में मजदूर दब गए। पहले तो पता ही नहीं चला कि कितने मजदूर दबे हैं।

आननफानन मजदूरों को निकालने के लिए संयुक्त टीम ने रेस्क्यू करके एक-एक घायल मजदूर को बाहर निकाला। उसके बाद मजदूरों को बाजपुर और काशीपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन करने चार घंटे का समय लगा।

प्लांट में काम करने आए मजदूरों की सूची की जांच की गई, जिससे पता चला कि 23 मजदूर काम कर

रहे थे। लोगों ने बताया कि मशरूम बैग के लिए क्षमता से अधिक लोड के कारण रैक एक तरफ होकर टूट गई, जिसमें हादसा हो गया।

लोगों ने बताया कि गांव भव्वानगला में मशरूम प्लांट करीब डेढ़ एकड़ में स्टोर रूम के तीन • कमरों में संचालित हो रहा सीओ विभव सैनी ने बताया कि हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चार घंटे तक चला।

बाल-बाल बच गए

केलाखेड़ा स्थित मशरूम प्लांट में बृहस्पतिवार

को हुए हादसे के बाद घायलों को बाजपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।